देवभूमि उत्तराखंड में वर्ष 2028 में प्रस्तावित अर्धकुंभ को वर्ष 2027 में हरिद्वार कुंभ के नाम से आयोजित किए जाने के मुद्दे पर अब संत समाज ने सवाल खड़े किए हैं। षड् दर्शन साधु समाज और अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति ने दावा किया है कि इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दो बार पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि 5 अगस्त तक सरकार और मेला प्रशासन की ओर से संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो अखिल भारतीय आश्रम परिषद और षड् दर्शन साधु समाज हरिद्वार कुंभ मेले के बहिष्कार पर विचार करेगा।
षड् दर्शन साधु समाज अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्होंने 15 सितंबर 2025 और 11 मई 2026 को मुख्यमंत्री को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से पत्र भेजकर वर्ष 2028 के अर्धकुंभ को वर्ष 2027 में हरिद्वार कुंभ के नाम से आयोजित किए जाने पर अपना पक्ष रखा था। उनका कहना है कि अब तक सरकार की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
संस्था का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 के माध्यम से भी कई बार जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई और कई बार फोन तक नहीं उठाया गया।
संत समाज ने कहा कि यदि 5 अगस्त तक सरकार और मेला प्रशासन की ओर से इस विषय पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो अखिल भारतीय आश्रम परिषद और षड् दर्शन साधु समाज हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले के बहिष्कार पर विचार करेगा।
अर्धकुंभ या कुंभ? संत समाज ने सरकार को दी चेतावनी












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