हरिद्वार में एक संस्था प्रमुख को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित व्यक्ति ने कथित रूप से शराब, भू और खनन माफियाओं के साथ गठजोड़ कर बीते कुछ वर्षों में बड़ी संपत्ति खड़ी की है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक साधारण जीवन जीने वाले संस्था प्रमुख की आर्थिक स्थिति में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आरोप है कि माफिया नेटवर्क से नजदीकियों के चलते उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की। क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा है कि वह अक्सर प्रभावशाली नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों से अपने संबंधों का हवाला देता है।
लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि कथित राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के कारण कुछ माफिया तत्वों के हौसले बढ़े हैं। सूत्रों का दावा है कि भू-संबंधी विवादित मामलों और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी संस्था प्रमुख की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कुछ लोगों का आरोप है कि संबंधित नेटवर्क में प्रभावशाली व्यक्तियों की भागीदारी रही है और कई गतिविधियां जांच का विषय हो सकती हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि धर्मनगरी हरिद्वार की छवि पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है हरिद्वार में संस्था प्रमुख और कथित माफिया गठजोड़ को लेकर उठ रहे सवालों ने नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल आरोपों पर न तो संबंधित संस्था प्रमुख की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान जारी किया गया है। ऐसे में सच्चाई क्या है, यह किसी निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। यदि संबंधित पक्ष अपना पक्ष रखता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
संत या सरगना? संस्था प्रमुख पर माफियाओं से सांठगांठ के आरोप











Leave a Reply