मोदी के 12 वर्ष भारत के आत्मगौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का स्वर्णिम कालखंड : स्वामी अवधेशानंद गिरि

हरिद्वार। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने विशेष संदेश जारी करते हुए इसे भारत के आत्मनिर्भरता, आत्मगौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का स्वर्णिम कालखंड बताया है।

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि सनातन सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व राष्ट्रजीवन में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और नवसंकल्प का संचार करने वाला सिद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन को केवल सत्ता संचालन तक सीमित न रखकर राष्ट्र निर्माण का व्यापक अभियान बनाया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में आदर्श नेतृत्व को “राजर्षि” की संज्ञा दी गई है, जिसमें प्रशासनिक दक्षता के साथ नैतिकता, आध्यात्मिकता और लोकमंगल का समन्वय होता है। प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व में यही विशेषताएं दिखाई देती हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हुए विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा अर्जित की है।

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का प्रयास हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और जनधन योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

उन्होंने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुए विकास को भी उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि आधुनिक रेलवे, वंदे भारत ट्रेनें, एक्सप्रेसवे, नए हवाई अड्डे और डिजिटल क्रांति ने भारत को नई गति प्रदान की है। आज भारत डिजिटल भुगतान और तकनीक आधारित सेवाओं में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है।

सांस्कृतिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्यों ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान दी है। इन प्रयासों से देशवासियों के सांस्कृतिक आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। जी-20 की अध्यक्षता सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका मजबूत हुई है और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भारतीय भावना को वैश्विक स्वीकृति मिली है।

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि 4,399 दिनों की यह यात्रा केवल सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास, विश्वास और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की प्रेरक गाथा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 12 वर्षों की सफल यात्रा के लिए बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

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