हरिद्वार प्रेस क्लब में पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब चार युवक हथियारों के साथ कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने का प्रयास करते हुए पाए गए। कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और स्वामी कैलाशानंद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के चलते युवकों को समय रहते रोक लिया गया।
घटना गुरुवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारिता दिवस समारोह के दौरान हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चार युवक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जिनमें से दो के पास लाइसेंसी रिवॉल्वर थीं। सभागार के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने जांच के दौरान युवकों को रोक लिया और उनसे हथियार साथ लाने का कारण पूछा।
युवकों ने बताया कि उनके पास हथियारों के वैध लाइसेंस हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया कि वीआईपी अतिथियों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में किसी भी व्यक्ति को हथियार के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हथियार बाहर रखने के बाद ही प्रवेश देने की बात कही। इस दौरान कुछ देर तक बहस की स्थिति भी बनी रही, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।
घटना के बाद प्रेस क्लब परिसर में यह चर्चा का विषय बन गया कि संबंधित युवक कौन थे, उन्हें किसने आमंत्रित किया था और वे हथियार लेकर कार्यक्रम में क्यों पहुंचे थे। प्रेस क्लब के कई सदस्यों और पत्रकारों ने घटना की पुष्टि की है।
BYTE: नरेश गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार/प्रेस क्लब सदस्य
प्रेस क्लब अध्यक्ष के अनुसार संबंधित युवक उनके पुराने परिचित हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज भी हैं। इसके बावजूद कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती।
घटना के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा कर्मी सतर्कता नहीं दिखाते तो कोई अप्रिय स्थिति भी पैदा हो सकती थी। प्रेस क्लब के वरिष्ठ सदस्यों का कहना है कि क्लब के इतिहास में यह पहला मामला है जब किसी व्यक्ति ने हथियार के साथ किसी कार्यक्रम में प्रवेश करने की कोशिश की हो। मामले की समीक्षा और आवश्यक जांच की मांग भी उठाई जा रही है।
प्रेस क्लब में हथियार लेकर प्रवेश की कोशिश से हड़कंप












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