राजधानी नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकर्ता बैठक एवं राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 समारोह में जल, जंगल, जमीन और गंगा संरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम में हरिद्वार के मातृ सदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद सरस्वती महाराज समेत देशभर से पहुंचे संतों, किसान नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर स्वामी शिवानंद सरस्वती के शिष्य ब्रह्मचारी अधिवक्ता सुदानंद भी मौजूद रहे।
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकर्ता बैठक एवं राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 समारोह में देशभर से आए संतों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और गंगा का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
हरिद्वार के मातृ सदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद सरस्वती महाराज ने पर्यावरण संरक्षण और गंगा की अविरलता एवं निर्मलता बनाए रखने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बिना आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।
कार्यक्रम में उनके शिष्य ब्रह्मचारी अधिवक्ता सुदानंद भी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और समाज के सभी वर्गों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 से भी सम्मानित किया गया।
दिल्ली में गूंजा गंगा संरक्षण का मुद्दा



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