मोहम्मद दीपक पर कांग्रेसी एजेंट होने का आरोप, सर्व समाज ने किया बहिष्कार का ऐलान14 फरवरी को कांग्रेस मुख्यालय घेराव की चेतावनी

हरिद्वार।
कोटद्वार के मोहम्मद दीपक प्रकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। शनिवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मोहम्मद दीपक पर कांग्रेस का एजेंट होने का आरोप लगाते हुए उसके सामाजिक बहिष्कार का ऐलान किया।
प्रेस वार्ता में मौजूद संगठनों ने कांग्रेस पर प्रदेश का माहौल खराब करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि इस पूरे प्रकरण के विरोध में 14 फरवरी को कांग्रेस मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में प्रजापति राष्ट्रीय प्रजापति मंच की संगीता प्रजापति, अंबेडकर महामंच के प्रवीण पेंगवाल, भैरव सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित चौहान, बजरंग दल के जिला संयोजक अमित मुल्तानिया, दलित आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीनेश्वर सहित अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भैरव सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित चौहान ने आरोप लगाया कि कोटद्वार प्रकरण से यह स्पष्ट हो गया है कि मोहम्मद दीपक कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उसके माध्यम से प्रदेश में सामाजिक तनाव फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि कांग्रेस और भीम आर्मी मिलकर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और मोहम्मद दीपक को राष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग मिल रही है।
दलित आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीनेश्वर ने कहा कि जब नाबालिग बच्चों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं होती हैं, तब ऐसे लोग नजर नहीं आते, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए कुछ मामलों को जानबूझकर तूल दिया जाता है।
प्रजापति राष्ट्रीय प्रजापति मंच की संगीता प्रजापति ने कहा कि पुलवामा जैसे आतंकी हमलों में जब धर्म पूछकर हिंदुओं की हत्या की जाती है, तब ऐसे तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता मौन रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी बाबा के नाम को लेकर स्थानीय हिंदू समाज को आपत्ति थी, तो मारपीट करने का अधिकार किसे दिया गया।
बजरंग दल के जिला संयोजक अमित मुल्तानिया ने कहा कि यह मामला देश के युवाओं की सोच पर सीधा हमला है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रविरोधी मानसिकता के लोग एक मंच पर आकर दीपक-मोहम्मद प्रकरण को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
सभी संगठनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 14 फरवरी को कांग्रेस मुख्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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