हरिद्वार | 03 जनवरी 2026
जनपद हरिद्वार में सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित करने के आरोप में 09 लोगों/संस्थानों के विरुद्ध थाना कनखल में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उप जिलाधिकारी हरिद्वार जितेंद्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 (मुजफ्फरनगर–हरिद्वार) के किमी 198 से 200 के मध्य सड़क संरचना एवं दीवारों पर बार-बार अवैध लिखावट, पोस्टर व प्रचार सामग्री लगाई जा रही थी। यह कृत्य न केवल सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाला है, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है।
उन्होंने बताया कि चार लेन निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यह मार्ग वर्तमान में प्रचालन एवं रख-रखाव चरण में है। इसके बावजूद कुछ व्यक्तियों एवं संस्थानों द्वारा अवैध प्रचार किया जा रहा था, जिसे पहले भी हटाया गया था, लेकिन पुनः वही गतिविधि दोहराई गई। मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की भद्दी लिखावटों से शहर की स्वच्छता प्रभावित होती है और वाहन चालकों का ध्यान भटकने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी के चलते नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम 2003 के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की सजा या 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। आगे भी इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सरकारी संपत्ति विरूपित करने वालों पर प्रशासन सख्त, 9 पर एफआईआर


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